सात्विक भाव के आधर पर चल रहे कार्य को मेरी शुभकामानाएँ – डा. हर्षवर्धन

दिल्ली में वनवासी कल्याण आश्रम का वार्षिक उत्सव सम्पन्न

‘भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा के 35 प्रतिशत हिस्से पर जनजाति समाज राष्ट्र के सजग प्रहरी के नाते अपनी भूमिका निभाता है। कार्य करते समय हम मानवीय भाव से सेवा करें, सामाजिक दायित्व बोध् के साथ कार्य करें और राष्ट्रभाव का जागरण हमारे काम का उद्देश्य होना चाहिए।’ उत्तर क्षेत्रा के संगठन मंत्री भगवान सहाय ने दिनांक 13 मई 2018 को दिल्ली में आयोजित वार्षिक उत्सव के निमित्त उपरोक्त विचार व्यक्त किये। एक विशेष बात याने 13 मई को दिल्ली में कार्यक्रम से पूर्व बहुत तेज आँधी-तुपफान के साथ कई स्थानों पर बारिश हुई थी। कार्यक्रम के प्रारम्भ में संख्या के बारे में सबको बड़ी चिंता रही। परन्तु थोड़े समय के बाद नगरजनों का आना शुरू हुआ और संख्या 550 से ऊपर हो गई। सच में कार्यकर्ताओं से प्रयास रंग लाये।
इस समारम्भ के मुख्य अतिथि एवं केन्द्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन कहा की सात्विक आधर लेकर कार्य कर रहे वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यकर्ताओं को मेरी ओर से शुभकामनाएँ।

मंचस्थ रा. स्व. संघ दिल्ली प्रांत के माननीय संघचालक कुलभूषण जी, सह प्रांत कार्यवाह रोशन लाल, राजेश कुमार गुप्ता ;वाईस चैयरमैन, GNIOT Group of Insti, डा. गिरीश त्यागी, दिल्ली मेडिकल काउन्सिल के रजिस्ट्रार और समारम्भ के अध्यक्ष अनिल बंसल जी की उपस्थिति ने सबका उत्साहवर्धन किया। उत्तर पूर्व के जो छात्रा अपने छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रहे है, उन्हें उत्तम खिलाडियों के रूप में पदक प्राप्त हुए है, को सम्मानित किया गया।

दिल्ली विश्वविद्यालय के खेल जगत में पदक प्राप्त छात्रों को मंच से सम्मानित किया गया।

इस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित मणिपुर के बांबु नृत्य ने सबका मन मोह लिया और उत्तराखण्ड की माता नंदा देवी यात्रा ने सारा वातावरण भक्तिमय कर दिया।

शिक्षा क्षेत्रा में कार्यरत अनिल बंसल एवं सामाजिक क्षेत्रा में कार्यरत पूर्णिमा बंसल सहित कई व्यक्तियों ने आर्थिक सहयोग घोषित कर अपना सामाजिक दायित्व निभाया। कार्यक्रम के अंत में दिल्ली के अध्यक्ष शांति स्वरूप बंसल ने कार्यक्रम को सपफल बनाने में सहयोगी सबको साधुवाद दिया। मंच का सपफल संचालन नरेला गाँव समिति में कार्यरत श्रीमती भारती, श्रीमती अनुराध तथा दिनेश जी ने संयुक्त रूप में किया।

राजीव अवस्थी के नेतृत्व में युवा कार्यकर्ताओं ने साहित्य बिक्री केन्द्र के माध्यम से अपने विचार का प्रचार कर वातावरण में उत्साह भर दिया।

हम वर्षों से ईसाई बहुल उत्तर-पूर्वांचल के
कुछ गाँवों में सेवाकार्यों के माध्यम से कार्य कर रहे है।
अपने कार्य के परिणामस्वरूप वहां का स्थानीय समाज कह रहा है-
‘हम भारत के है, भारत हमारा है।’- भगवान सहाय

 

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