कल्याण आश्रम द्वारा देश भर में रक्षाबंधन

रक्षाबंधन वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से एक कार्यक्रम। इस वर्ष जशपुर में आयोजित आयाम प्रमुखों के प्रशिक्षण वर्ग में रक्षाबंधन उत्सव मनाया। जशपुर की बहनों ने सबको राक्षासूत्र बाँधें। घरघर में स्नेहपूर्ण स्वागत एवं भोजन हुआ।

देश भर से उत्साहपूर्ण समाचार मिल रहे है। इस निमित्त कई नगरमहानगरों के कार्यकर्ता सुदूर वनवासी गाँवों में गए और घरघर रक्षासूत्र बाँधे। नगरीय कार्यकर्ता एवं ग्रामीण समाज दोनों ने ‘तू मैं एक रक्त’ की अनुभूति की।

जहाँजहाँ छात्रावास अथवा विद्यालय जैसे अपने केन्द्र है वहाँ सभी स्थानों पर भी विद्यार्थियों ने रक्षाबंधन मनाया। बाल मानस पर एकता के संस्कार अंकित हुए। दिल्ली जैसे नगरों र्में बहनों ने राखी बाँध कर सबको एक सूत्र में परोया।

कल्याण आश्रम द्वारा देश भर में रक्षाबंधन

दिल्ली, भिवानी, फरीदाबाद, कानपुर गोरखपूर जैसे कई महानगरों में जो छात्रावास है वहाँ उत्तरपूर्वांचल के छात्र पढ़ते है। वहाँ आयोजित रक्षाबंध्न कार्यक्रम ने राष्ट्रीय एकात्मता का संदेश दिया। ‘हम देश को जोड़ने का काम कर रहे है’ इस बात को केवल कहना नहीं तो एकात्मता का अनुभव भी किया।

इस निमित्त नगर की महिला कार्यकर्ताओं ने प्रतिष्ठा प्राप्त महानुभावों को राखी बाँध कर अपने कार्य का परिचय दिया। सेालन (हिमाचल प्रदेश) में पुलिस अधिक्षक श्री मधुसूदन शर्मा को रक्षासूत्र बाँधे, सेलवास की महिला समिति की ओर से मूकबधीर विद्यालय का सम्पर्क कर वहाँ के बालकबालिकाँओं को निष्पाप प्रेम का अनुभव कराया। कई स्थानों पर एक अनोखा प्रयोग हुआ कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर वृक्षारोपण कर अपने आप को प्रकृति के साथ जोड़ा।

देश भर से प्राप्त समाचार अनुसार कई राज्यों में महिला समिति की बहनों ने देश की रक्षा में सदैव कार्यरत अपने बहादूर जवानों को रक्षासूत्र बाँध कर अजेय बल प्रदान किया।

कुछ समय पश्चात इस रक्षाबंधन उत्सव की जानकारी एकत्रित होगी तब पता चलेंगा कि हजारों स्थानों पर लाखों कार्यकर्ताओं ने लाखों की संख्या में रक्षासूत्रा बाँधे व्यक्तिगत जीवन में घरघर में होने वाले इस उत्सव के माध्यम से समाज को जोड़ने के प्रयास यह अपने आप में एक विशेष है। यही रक्षाबंधन का संदेश है।

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