विभिन्न आयामों के बल पर 

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विभिन्न आयामों के बल पर
कार्य चला वन पर्वत में
‘विचार’ दृढ होते देखा है,
लक्ष-लक्ष जन हृदयों में (2) ।।धृ.।।
शिक्षा, श्रद्धा, खेलकूद से
आन्दोलित होते युव जन
प्रकल्प, गतिविधि, कार्यक्रम से
जागृत हो भारत का मन
भाव-जागरण कार्य हमारा
मंत्र सदा हम रटते है
वनयोगी के हम अनुगामी
इस पथ पर हम चलते है
अर्पित हो सारा जीवन यह
निश्चय दृढ सबके मन ।।1।।
विचार दृढ़ होते देखा है…… (2)
हितरक्षा का कार्य बढ़ा
अन्याय दूर हो दशकों के
सूत्र रहा संपर्क स्नेह का
जोड रहा सबको मन से
वन अंचल के बन्धु हमारे
स्वस्थ, निरामय हो सारे
‘अर्थ’ दीप का प्रकाश फैले
अभाव कोसों दूर रहे
सुख-समृद्धि जीवन में हो
सौख्य सदा ही घर-घर में ।।2।।
विचार दृढ होते देखा है…… (2)
प्रचार हो अपने विचार का
समाज मन को व्याप्त करें
‘सत्य’ सदा ही साथ रहा है
मन दृढ विश्वास रहे
नगर-नगर में कार्य बढ़ा
सहयोग रूप धारा बहती
सशक्त हो संकुल ग्रामों के
वैभव की धारा बहती
शक्ति स्वरूपा महिला आगे
प्रगति का प्रतिरूप बने ।।3।।
विचार दृढ़ होते देखा है…… (2)
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