कौन आदि है, सब अनादि है
कौन आदि है, सब अनादी हम सब भारतवासी है । पुरखे सब के खून एक है, नगर ग्राम वनवासी है। […]
कौन आदि है, सब अनादी हम सब भारतवासी है । पुरखे सब के खून एक है, नगर ग्राम वनवासी है। […]
तरूणाई का नूतन जागर सूर्य तेज सा छाया युवजन जागे भारत जागा, धरती अंबर जागा ।। धृ.।। भरत भूमि पर
ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट क्षण में दूर करे
कुरूक्षेत्र के शंखनाद का अर्थ समझना होगा धर्म पक्ष में कौन खडे है उन्हें समझना होगा अर्थ समझना होगा (2)।।धृ.।।
यही मंत्र है यही साधना … यही मंत्र है यही साधना, ग्राम ग्राम में जायेंगे ग्राम नगर और वन
जागृति का अभियान चल पड़ा जागृति का अभियान चल पड़ा करें आज परिवर्तन हम (2) संघशक्ति के शंखनाद से
चाहे आंधी कितनी आये चाहे आंधी कितनी आये श्रद्धा मेरी अड़िग रहेगी ।। धृ. ।। परंपराओं से मैं हिन्दू
मन में गौरव है अतीत का अमृतकाल मनाएं मन में गौरव है अतीत का अमृतकाल मनाएं शौर्य, पराक्रम जनजाति
बढ़ते चलें, बढ़ते चलें बढ़ते चलें, बढ़ते चलें, इस ध्येय पथ पर आज हम बढ़ते चलें, बढ़ते चलें ।।
श्रद्धा भाव जो दृढ करना है श्रद्धा भाव जो दृढ करना है श्रद्धा भाव जो दृढ करना है …. ।।