हमारे वसंतराव, हमारी कार्य प्रेरणा
पश्चिम बंगाल के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों तथा उत्तर-पूर्व क्षेत्र के वनवासी कल्याण आश्रम सहित सभी कार्यकर्ताओं का परिचित […]
पश्चिम बंगाल के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों तथा उत्तर-पूर्व क्षेत्र के वनवासी कल्याण आश्रम सहित सभी कार्यकर्ताओं का परिचित […]
क्रांतिकारी बुधु भगत बुधु भगत अथवा ‘बुदु भगत’ (जन्म- 17 फ़रवरी, 1792 ई., राँची, झारखण्ड; मृत्यु- 13 फ़रवरी, 1832 ई.)
26 दिसम्बर 1952 में वर्तमान छत्तीसगढ के जशपुर नगर में तत्कालीन राजा विजय भूषण देव जी के सहयोग से केवल
गुवाहाटी नार्थ इस्ट का प्रवेशव्दार है। गुवा का असमिया में अर्थ होता है सुपारी और हाट याने बाजार। यहाँ का
मैं भास्करराव जी को पहलीबार अखिल भरतीय कार्यकर्ता सम्मेलन 1994 को लखनऊ में देखा था। उस समय मैं नये-नये पूर्णकालीन
प्रेरणा न वाणी से, न भाषण से मिलती है। उपदेश देने से भी नहीं। कथा-प्रवचनों से विचार मिलते है, मन-मस्तिष्क
जशपुर के राजा रणविजय सिंह जूदेव-सांसद, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष कृपा प्रसाद सिंह तथा संयुक्त महामंत्री रामलाल सोनी विद्यालय के छात्र-छात्रा
उद्घाटन सत्र में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं पतंजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण सहित कई महानुभव वनवासी
देश के सुदूर सभी जनजाति क्षेत्र तक कला-संस्कृति का संवर्धन केन्द्र सरकार की ओर से होगा। इस हेतु ‘डिजिटल रिपाॅजिटरी’
वनवासी विकास परिषद उमरिया के तत्वावधान में वन चेतना काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुक्तक के काव्य रचना कार शंभू