छात्रावास

यह भी शिक्षा क्षेत्र से ही जुड़ा प्रकल्प है। वैसे कल्याण आश्रम की स्थापना ही एक छात्रावास के द्वारा हुई थी और किसी भी व्यक्ति हम उसी के माध्यम से कल्याण आश्रम का काम दिखा सकते है। आज हम देश में 219 छात्रावासों का संचालन कर रहे है। इसमें 43 छात्रावास बालिका छात्रावास है। कुल 7490 बालक, बालिकाएँ इन छात्रावासों में अध्ययन कर रहे है। आज कई ग्रामीण वनवासी कार्यकर्ता अपना परिचय देते समय – ‘मैं कल्याण आश्रम के छा़त्रावास में पढ़ा हुँ ऐसा कहते है।’ अर्थात यह कार्यकर्ता देनेवाला प्रकल्प है। शिक्षा के साथ संस्कार देने की व्यवस्था है।

विशेष: सुदूर उत्तर – पूर्वांचल के ग्रामीण क्षेत्र के कई बालक अध्ययन हेतु देश के विभिन्न नगरों में चल रहे छात्रावासों में आकर पढ़ाई करते है। उनके के लिये चल रहा यह एक अनोखा प्रकल्प है। इसमें शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय एकात्मता की भावना को हम दृढ करते है।

 

 

 

छात्रावास वार्ता

झाँसी में हुआ छात्रावास का उद्घाटन

झाँसी में हुआ छात्रावास का उद्घाटन वनवासी कल्याण आश्रम के कार्य का प्रारम्भ ही छात्रावास के माध्यम से हुआ। सन 1952 में 13 बालकों के प्रवेश के साथ शुरू हुए...
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परशुराम छात्रावास को मिली 2 बीघा जमीन

परशुराम छात्रावास को मिली 2 बीघा जमीन पढ़ाई और अन्य सुख सुविधाओं से कोसों दूर जीवन बसर कर रहे वनवासी बच्चों की जिंदगी को नये आयाम मिलने वाले हैं जल्द...
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शिमला में विवेकानंद छात्रावास

शिमला में नवीन छात्रावास के निर्माण का संकल्प

शिमला में नवीन छात्रावास के निर्माण का संकल्प हिमगिरी कल्याण आश्रम द्वारा 5 जुलाई-19 को शिमला में विवेकानंद छात्रावास के भवन निर्माण का संकल्प हुआ। इस निमित्त एक वार्षिक उत्सव...
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असम ने किया दिल्ली के बालकों का स्वागत

असम ने किया दिल्ली के बालकों का स्वागत कल्याण आश्रम-असम की गुवाहाटी महानगर समिति के तत्वाधान में 20 जून 19 को तेरापंथ सभागृह में वनवासी कल्याण आश्रम दिल्ली के छात्रावास...
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सुन्दरबन के गोसाबा द्वीप में प्रीतिलता छात्रावास का भव्य उद्घाटन

सुन्दरबन के गोसाबा द्वीप में प्रीतिलता छात्रावास का भव्य उद्घाटन   गोसाबा प्रीतिलता छात्रावास का उद्घाटन यानि एक लम्बे समय से प्रतीक्षारत कार्य की पूर्णाहुति ! 2012 से जो सपना...
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